महाकाली त्रैलोक्य विजय कवच

नवरात्री में साधना पर एक साधक

नवरात्री में साधना पर एक साधक ने मुझे ईमेल किया
आप सभी के साथ साझा करने का प्रयास कर रहा हूं

गुरु जी को सादर प्रणाम काफी साल से प्राथना कर रहा था इस बार अपने मुझ पर ध्यान दिया बार धन्यवाद् उनकी तरफ ध्यान दिया जो आपको समझ नही पाए थे और उनको साधना करने की आज्ञा दी जो आपके सामने आने योग्य नही है |अपने कहा था किस रूप में साधना करना चाहते हो |या कौन से रूप की साधना करना चाहते हो वो बोल शायद मुझे सोच समझ कर बोलने चाहिए थे आपने कहा भी था की काल रात्रि की साधना आसान नहीं है मैंने जिद की आपसे उसके लिए में शर्मिंदा हूं आपने कहा था की साधना में गलती हुई तो सजा मिलेगी और दंड भी लेकिन मेरे विश्वास ने कहा की आप हो तो ,और आपने कहा था के में सिर्फ जब तक हूं जब तक आप मेरी बात मन रहे हो जब नही मानोगे सबसे पहले में पीछे हटूंगा |आपने साधना की दीक्षा दी में बहुत खुस हुआ में तुरंत कानपूर गया | आपने कहा ठीक है नो के नो दिन साधना करके ७ वे दिन कालरात्रि का पूजन करना सिर्फ एक टाइम भोजन करना और नमक मिर्च सब त्याग देना पानी कम से कम और गाये का दूध सेवन अधिक से अधिक करना है |यन्त्र को नित्य चावल से बनाना और जो भोजन खाओ उसका एक अंश माँ को भोग के रूप में जरूर देना मैंने प्रथम दिन पूजन किया सब मंत्र और गुरु पूजन किये लेकिन पहले दिन कोई विशेष घटना नही हुई |अपने मुझे जमीन पर पूजा स्थान पर सोने को कहा था मैंने ऐसा ही किया लेकिन रात भर में आपके विषय में ही सोचता रहा उस दिन मात्र में 4 घंटे ही सो पाया अगले दिन मैंने फिर रात्रि में पूजन शुरू किया उस दिन मेरा गर्मी से बुरा हाल हो गया था लेकिन आपके आशिर्वाद से सब ठीक रहा मैंने तीसरे दिन जिस देवी का जाप किया उस समय मेरा गाला सूख गया था मैंने जैसे तैसे साधना पूरी की 4 वे दिन में डर के मारे हालात खराब थी मुझे हर जगह बूढ़ी औरत नजर आने लगी और उस दिन सो ही नही पाया लेकिन जब में सुबह सो कर उठा तो में एक दम फ्रेश था कोई कमी या थकन मुझे नही लगी ५वे दिन भी बस यही रहा ६वे दिन आप मुझे सपने में नजर आये और अपने मुझसे कहा था के अब तयार रहो परीक्षा देने को अगले दिन अपने कहा था यह पूजन थोड़ा अलग होता है इसमें तिल केतेल का दीपक और हवन भी तेल से ही होता है उस रात मैंने जो अनुभव किया उसको में लिखने की हिम्मत नही कर सकता और आपने उसके लिए मुझे डांट भी लगायी थी |में वो साधना पूरी नही कर पाया क्योंकि आपने पहले ही कहा था लालच में की गयी साधना सफल कम हुआ करती है आपने कहा था ठीक रात्रि 11 बजे महाकाली के मंदिर में निम्बू ली माला अर्पित कर देना लेकिन में मूर्ख निकला परिवार के मोह में फस के माला अर्पित नही कर पाया कारणवश आपने मुझसे बात करनी बंद कर दी थी क्योंकि में समझ गया था की आप यह सब देख रहे हो |अगले दिन सुबह मेरे घर में कोहराम मच गया मेरी जिव्हा बहुत लंबी निकल कर बाहर आ गयी थी और मेरे हाथ पैर सब कंप रहे थे न कुछ बोल प् रहा था न सुन बस मुझे यह नज़र आ रहा था के एक स्त्री ने मेरी जिव्हा बहार निकल ली है और में बेचैन हूं छुड़ाने को मेरे घर वाले सब बहुत डर गए मेरे घर वालो ने तुरंत ही डॉक्टर को बुलाया डॉक्टर बोले इनको फलिश पड़ गया है | मेरी पत्नी ने आपसे तुरंत बात की लेकिन आपने जो सहयोग दिया उसके लिए में जीवन भर आभारी रहूँगा आप मेरे पास आये और आकर कालरात्रि से प्राथना की तब में ठीक हुआ आपसे माफ़ी चाहता हूं

 

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