Friday, July 20

भूत प्रेत के प्रकार (Bhoot Pret Types)

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1.भूत :

सामान्य भूत जिसक बारे में आप अक्सर सुनते है ।

2.प्रेत :

परिवार के सताए हुए बिना क्रियाकर्म के मरे हुए आदमी,जो पिडीत रहेते है।

3.हाडल :

बिना नुक्सान पहुचाये प्रेतबाधित करने वाली आत्माए ।

4.चेतकिन :

चुडेले जो लोगो को प्रेतबाधित कर दुर्घटनाए करवाती है ।

5.मुमिई :

मुंबई के कुछ घरो में प्रचलित प्रेत,जो कभी कभी दिखाई देते है।

6.विरिकस:

घने लाल कोहरे में छिपी और अजीबो-गरीब आवाजे निकलने वाला होता है।

7.मोहिनी या परेतिन : 

प्यार में धोका खाने वाली आत्माए जिनसे मनुष्यों को मदत मिल सकती है।

8.शाकिनी:

शादी के कुछ दिनों बाद दुर्घटना से मरने वाली औरत की आत्मा जो कम खतरनाक होती है।

9.डाकिनी :

मोहिनी और शाकिनी का मिला जुला रूप किन्ही कारणों से हुई मौत से बनी आत्मा होती है।

10.कुट्टी चेतन :

बच्चे की आत्मा जिसपर तांत्रिको का नियंत्रण होता है ।

11.ब्रह्मोदोइत्यास :

बंगाल में प्रचलित,श्रापित ब्राह्मणों की आत्माए,जिन्होने धर्म का पालन ना किया हो ।

12.सकोंधोकतास :

बंगाल में प्रचलित रेल दुर्घटना में मरे लोगो की सर कटी आत्माए होती है।

13.निशि 

बंगाल में प्रचलित अँधेरे में रास्ता दिखाने वाली आत्माए ।

14.कोल्ली देवा :

कर्नाटक में प्रचलित जंगलो में हाथो में टोर्च लिए घुमती आत्माए ।

15.कल्लुर्टी :

कर्नाटक में प्रचलित आधुनिक रीती रिवाजो से मरे लोगो की आत्माए ।

16.किचचिन:

बिहार में प्रचलित हवस की भूखी आत्माए ।

17.पनडुब्बा:

बिहार में प्रचलित नदी में डूबकर मरे लोगो की आत्माए ।

18.चुड़ैल:

उत्तरी भारत में प्रचलित राहगीरों को मारकर बरगद के पेड़ पर लटकाने वाली आत्माए ।

19.बुरा डंगोरिया :

आसाम में प्रचलित सफ़ेद कपडे और पगड़ी पहने घोड़े पसर सवार होनेवाली आत्माए ।

20.बाक :

आसाम में प्रचलित झीलों के पास घुमती हुई आत्माए ।

21.खबीस:

पाकिस्तान ,गुल्फ देशो और यूरोप में प्रचलित जिन्न परिवार से ताल्लुक रखने वाली आत्माए ।

22.घोडा पाक :

आसाम में प्रचलित घोड़े के खुर जैसे पैर बाकी मनुष्य जैसे दिखाई देने वाली आत्माए ।

23.बीरा :

आसाम में प्रचलित परिवार को खो देने वाली आत्माए ।

24.जोखिनी :

आसाम में प्रचलित पुरुषो को मारने वाली आत्माए ।

25.पुवाली भूत :

-आसाम में प्रचलित छोटे घर के सामनो को चुराने वाली आत्माए ।

26.रक्सा :-

छतीसगढ़ मे प्रचलित कुँवारे मरने वालो की खतरनाक आत्माए ।

27. मसान:

छतीसगढ़ की प्रचलित पाँच छै सौ साल पुरानी प्रेत आत्मा नरबलि लेते हैँ , जिस घर मेँ निवास करेँ पुरे परिवार को धीरे धीरे मार डालते हैँ ।

28.चटिया मटिया :

छतीसगढ़ मेँ प्रचलित बौने भुत जो बचपन मेँ खत्म हो जाते हैँ वो बनते हैँ बच्चो को नुकसान नहीँ पहुँचाते । आँखे बल्ब की तरह हाथ पैर उल्टे काले रंग के मक्खी के स्पीड मेँ भागने वाले चोरी करने वाली आत्माए ।

29. बैताल:

पीपल पेड़ मेँ निवास करते हैँ एकदम सफेद रंग वाले ,सबसे खतरनाक आत्माए ।

30. चकवा या भुलनभेर :

रास्ता भटकाने वाली आत्मा महाराष्ट्र ,एमपी आदि मेँ पाया जाता हैँ ।

31. उदु:

तलाब या नहर मेँ पाये जाने वाली आत्मा जो आदमियोँ को पुरा खा जाऐँ , छतीसगढ़ मेँ प्रचलित आत्माए ।

32. गल्लारा :

अकाल मरे लोगो की आत्मा धमाचौकडी मचाने वाली आत्मा छतीसगढ़ मेँ प्रचलित है ।

34. भंवेरी :

नदी मेँ पायी जाने वाली आत्मा,जो पानी मेँ डुब कर मरते हैँ पानी मेँ भंवर उठाकर नाव या आदमी को डूबा देने वाली आत्मा छतीसगढ़ मेँ प्रचलित है।

35. गरूवा परेत:

बिमारी या ट्रेन से कटकर मरने वाले गांयो और बैलो की आत्मा जो कुछ समय के लिए सिर कटे रूप मेँ घुमते दिखतेँ हैँ नुकसान नही पहुचातेँ छतीसगढ मेँ प्रचलित है।

36. हंडा :

धरती मेँ गडे खजानोँ मेँ जब जीव पड़ जाता हैँ याने प्रेत का कब्जा तो उसे हंडा परेत कहते हैँ , ये जिनके घर मेँ रहते हैँ वे हमेशा अमीर रहते हैँ , हंडा का अर्थ हैँ कुंभ , जिसके अंदर हीरे सोने आदि भरे रहते हैँ,जो लालच वश हंडा को चुराने का प्रयास करेँ उसे ये खा जाते हैँ , ये चलते भी हैँ,छतीसगढ़ मेँ प्रचलित है।

37. सरकट्टा:

छत्तीसगढ़ में प्रचलित एक प्रेत जिसका सिर कटा होता है,बहुत ही खतरनाक होता है।

38.ब्रह्म :

-ब्राह्मणों की आत्मा जो सात्विक और धार्मिक रहे हों अथवा जो साधक और पुजारी रहे हों किन्तु दुर्घनावश अथवा स्वयं जीवन समाप्त कर चुके हों,बेहद शक्तिशाली ,तांत्रिक नियंत्रित नहीं कर सकते,केवल मना कर या प्रार्थना कर ही शांत किया जा सकता है । जिस परिवार के पीछे पड़ जाएँ खानदान साफ़ हो जाता है ,कोई रोक नहीं सकता । पूजा देने पर ही शांत हो सकते हैं ।

39.जिन्न :

अग्नि तत्वीय मुस्लिम धर्म से सम्बंधित आत्मा,बेहद शक्तिशाली,नियंत्रण मुश्किल परंतु मनाया जा सकता है ।

40.शहीद :

युद्ध अथवा दुर्घटना में मृत मुस्लिम बीर|अक्सर मजारें बनी मिलती हैं,शक्तिशाली आत्माएं जो पूजा पाकर और शक्तिशाली हो उठती हैं ।

41.बीर:

लड़ाकू अथवा उग्र ,साहसी व्यक्ति जिसकी दुर्घटना अथवा हत्या से मृत्यु हुई हो ।

42.सटवी:

इसका हवा मे स्थायित्व होता है और ये हर जगह होती है,यह स्त्री की आत्मा होती है। किसी भी शरीर मे प्रवेश करके उसको उदास कर देती है।

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