The Nature and Indications of the Different Planets: The Mars

अध्यात्म क्या है Adhyatm Kya Hai?

अध्यात्म का अर्थ है अपने भीतर के चेतन तत्व को जानना,मनना और दर्शन करना अर्थात अपने आप के बारे में जानना या आत्मप्रज्ञ होना |गीता के आठवें अध्याय में अपने स्वरुप अर्थात जीवात्मा को अध्यात्म कहा गया है | “परमं स्वभावोऽध्यात्ममुच्यते “

आत्मा परमात्मा का अंश है यह तो सर्विविदित है | जब इस सम्बन्ध में शंका या संशय,अविश्वास की स्थिति अधिक क्रियमान होती है तभी हमारी दूरी बढती जाती है और हम विभिन्न रूपों से अपने को सफल बनाने का निरर्थक प्रयास करते रहते हैं जिसका परिणाम नाकारात्मक ही होता है |

अक्षरं ब्रह्म परमं स्वभावोऽध्यात्ममुच्यते

अधि + आत्म = अध्यात्म

आत्मा संबंधी या आत्मा परमात्मा के संबंध में चिन्तन-मनन।

वर्ताली मन्त्र

Lona Chamari Mantra

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