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श्रीमद्भागवत गीता पहला अध्याय (अर्जुनविषादयोग)

श्रीमद्भागवत गीता पहला अध्याय (अर्जुनविषादयोग) धृतराष्ट्र उवाच धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः । मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय ॥ भावार्थ : धृतराष्ट्र बोले- हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में एकत्रित, युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया| संजय उवाच दृष्टवा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा । आचार्यमुपसंगम्य राजा वचनमब्रवीत्‌ ॥ भावार्थ : संजय बोले- उस समय राजा […]

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श्रीमद्भागवत गीता Shreemad Bhagvad Geeta

श्रीमद्भागवत गीता Shreemad Bhagvad Geeta गीताजी का पाठ आरंभ करने से पूर्व निम्न श्लोक को भावार्थ सहित पढ़कर श्रीहरिविष्णु का ध्यान करें शान्ताकारं भुजगशयनं पद्यनाभं सुरेशं  विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।  लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं  वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।। भावार्थ : जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शैया पर शयन किए हुए हैं, जिनकी नाभि में […]