नवग्रहचालिसा Navgraha Chalisa
मस्तक पीड़ा हरण मंत्र

ॐ नम: आज्ञा गुरु की, केश में कपाल,

कपाल में भेजा, बजै भेजी में कीड़ा-करै न पीड़ा कंचन की छेनी,

रूपे का हथौड़ा पिता ईश्वर ने, इनको थापे श्री महादेव, तोड़े शब्द साँचा, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।

 

 

[sgmb id=”1″]

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.